मंडला: प्रशासनिक गलियारों में तबादले एक सामान्य प्रक्रिया हैं, लेकिन कुछ अधिकारी अपनी कार्यशैली से जनता के दिलों में जगह बना लेते हैं। मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा का नर्मदापुरम तबादला भी कुछ ऐसी ही यादें पीछे छोड़ गया है।
अपने कार्यकाल के दौरान सोमेश मिश्रा ने न केवल विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता के नए मानक स्थापित किए, बल्कि माहिष्मती घाट के कायाकल्प से जिले को एक नई सांस्कृतिक पहचान भी दी। आस्था और आधुनिक विकास के बीच उनके द्वारा बनाया गया संतुलन आज पूरे जिले में चर्चा का विषय है।
आज जब वे नई जिम्मेदारी के लिए विदा हो रहे हैं, तो मंडला की जनता उन्हें एक सख्त अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के एक आत्मीय सदस्य के रूप में याद कर रही है। नर्मदा के घाटों से लेकर शहर की सड़कों तक, उनके समर्पण की गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी।





