मंडला, मध्य प्रदेश:
मंडला में नेहरू स्मारक से बिनझिया तक बन रही सड़क निर्माण में ठेकेदार और नगर पालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। करोड़ों की लागत से तैयार हो रही इस सड़क के बीचों-बीच खड़े बिजली के खंभों को हटाए बिना ही डामरीकरण का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है, जो स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
मुख्य बिंदु और लापरवाही:
नियमों की अनदेखी: सड़क के बीच खड़े पोल को हटाए बिना ही डामर बिछा दिया गया है।
हादसों को न्योता: रात के समय अंधेरे में ये पोल दिखाई नहीं देते, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहाँ पहले भी छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।
मिलीभगत का आरोप: नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका के इंजीनियर मौके पर निरीक्षण नहीं कर रहे हैं और सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
जिम्मेदारों का पक्ष:
इस पूरे मामले पर नगर पालिका CMO गजानन नाफडे का कहना है कि बिजली विभाग को पोल हटाने के लिए सूचना दे दी गई है और आवश्यक राशि भी जमा कर दी गई है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि पोल हटने से पहले निर्माण कार्य को अनुमति क्यों दी गई?
निष्कर्ष:
यह मामला सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ है। करोड़ों का सरकारी पैसा खर्च करने के बाद भी जनता को सुविधा के बजाय हादसों का डर मिल रहा है।





