बारिश की बौछारों ने बदली सीता तलाई की तस्वीर
लगातार हो रही बारिश ने रायसेन के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लेकिन इसी बीच, रायसेन बायपास पर स्थित सीता तलाई के झरने लोगों के लिए एक नया आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। हलाली फिल्टर प्लांट के सामने स्थित नेशनल हाईवे 146 पर बने ये झरने अब बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं।
धार्मिक महत्व के साथ प्राकृतिक सौंदर्य
सीता तलाई का पहाड़ी का संबंध भगवान श्री राम से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि वनवास के दौरान जब प्रभु श्री राम यहां रुके थे, तब माता सीता के चरण इस पहाड़ी पर पड़े थे। इसी कारण इस पहाड़ी का नाम सीतातलाई पड़ा। आज भी, इस पहाड़ी पर बहते झरने लोगों का मन मोह लेते हैं।
रायसेन की पहाड़ियों का अनोखा नजारा
रायसेन पहाड़ों की नगरी के नाम से जाना जाता है। सीता तलाई पर बने झरने इन पहाड़ों की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। स्थानीय निवासी कपिल धाकड़ का कहना है कि रायसेनवासी आए दिन इन झरनों पर नहाने का आनंद ले रहे हैं।
मिनी पचमढ़ी बनती जा रही है सीता तलाई
विदिशा से आए पर्यटक कैलाश धाकड़ का मानना है कि सीतातलाई की पहाड़ी मिनी पचमढ़ी बनती जा रही है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता और बहते झरने लोगों को खूब भा रहे हैं।
निष्कर्ष:
सीता तलाई के झरने रायसेन के लिए एक नया पर्यटन स्थल बनकर उभरे हैं। धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य भी यहां लोगों को आकर्षित कर रहा है।







