समाचार का सार:
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में शताब्दी पुरम कॉलोनी के निवासी पिछले 7 साल से बिजली चोरी करने को मजबूर हैं। ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा विकसित इस कॉलोनी में अभी तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है। निवासियों ने जीडीए, नगर निगम और बिजली कंपनी से कई बार शिकायत की है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब ग्वालियर मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का गृह जिला है।
मुख्य बिंदु:
- 7 साल से बिजली चोरी: शताब्दी पुरम के निवासी पिछले 7 साल से बिजली चोरी कर रहे हैं।
- जीडीए और नगर निगम की उदासीनता: जीडीए ने कॉलोनी को नगर निगम को हैंडओवर कर दिया है, लेकिन दोनों ही संस्थाएं समस्या का समाधान करने में नाकाम रही हैं।
- बिजली कंपनी की मनमानी: बिजली कंपनी महंगे और अस्थाई कनेक्शन देने की बात कह रही है।
- राजस्व का नुकसान: बिजली चोरी के कारण बिजली कंपनी को बड़ा राजस्व का नुकसान हो रहा है।
- जनता की जान जोखिम में: निवासी हाईटेंशन लाइन से कटिया की बिजली से अपने घरों में रोशनी कर रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है।
- ऊर्जा मंत्री का ध्यान नहीं: ऊर्जा मंत्री के गृह जिले में ही ऐसी स्थिति होने से पूरे राज्य में बिजली व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
विभिन्न पक्षों के बयान:
- जीडीए सीईओ: कॉलोनी को नगर निगम को हैंडओवर कर दिया गया है।
- बिजली कंपनी महाप्रबंधक: महंगे और अस्थाई कनेक्शन देने की बात कही।
- कलेक्टर: बिजली विभाग से बात करने की बात कही।
समाचार का महत्व:
यह समाचार ग्वालियर के निवासियों के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि कैसे सरकारी विभागों की उदासीनता के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह समाचार सरकार को बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए प्रेरित कर सकता है।







