मंडला जिले में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। हाल ही में हुई जनसुनवाई में ग्रामीणों ने इस समस्या को उजागर किया है। घुघरी विकास खंड के ग्राम पंचायत बरवानी के पोषक गाँव चीतापखना की शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ दो शिक्षक लगातार अनुपस्थित रहते हैं।
शिक्षकों की अनुपस्थिति से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन शिक्षक स्कूल नहीं आ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ये शिक्षक सिर्फ राष्ट्रीय पर्वों पर ही स्कूल आते हैं और बाकी समय घर बैठकर वेतन लेते रहते हैं।
अतिथि शिक्षक के सहारे चल रहा स्कूल
स्कूल चलाने के लिए एक अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की गई है, लेकिन वह अकेले इतने सारे बच्चों को कैसे पढ़ा सकता है? यह एक गंभीर प्रश्न है।
अधिकारियों की उदासीनता
ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसा लगता है कि जिले के अधिकारी बच्चों के भविष्य के प्रति गंभीर नहीं हैं।
बच्चों का भविष्य दांव पर
इस तरह की स्थिति में बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में इन बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
क्या है समाधान?
- शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई: अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति: स्कूल में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
- अधिकारियों का जवाबदेह होना: जिले के अधिकारियों को इस मामले में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
मंडला जिले में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति एक गंभीर मुद्दा है। इस समस्या के समाधान के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा। बच्चों का भविष्य हमारे हाथों में है और हमें इसे सुरक्षित रखना है।








