मण्डला। जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर तहसील बिछिया के जाने माने समाजसेवी पत्रकार और भाजपा नेता सुनील नामदेव के अचानक निधन हो जाने से लोग अचभिंत हैं सहज सरल और अपनी बात को वजनदारी से समाज के बीच रखने वाले सुनील भैया बिछिया क्षेत्र की राजनीति में अंदर दखल रखते थे बीते दिनों अचानक उनके स्वास्थ्य में गिरावट आई मंडला ईलाज के बाद उन्हें नागपुर ईलाज के लिए परिजन ले गए जहां पर उनका अचानक निधन हो गया। नम आंखो से लोगों ने उन्हें पंचतत्व में विलीन किया उनके निधन पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी भाजपा परिवार के साथ है उन्होंने एक दोस्त नही भाई खोया है। वहीं श्रमजीवी पत्रकार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमानंद तिवारी, राष्ट्रीय संयोजक नलिनकांत बाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष राजेश दुबे ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि श्री नामदेव उनके बहुत पुराने साथी हैं। अनेक सम्मेलन बैठक धरना और प्रदर्शन में श्री नामदेव की महत्वपूर्ण भूमिका हुआ करती थी पत्रकारों के हितों को लेकर उनकी लेखनी हमेशा चर्चा में रही हैं। वहीं मंडला पत्रकार परिषद के जिला अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि उनका मार्गदर्शन हमेशा पत्रकारों को मिलता रहा है उनकी नजर में कोई भी पत्रकार छोटा व बड़ा कभी नही रहा है। जब भी कोई पत्रकार बिछिया क्षेत्र जाता था तो उनसे जरूर मिलता था। इस दुखद अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार हनुमान तिवारी ने कहा कि किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। यह एक ऐसा घाव है जो बाहर से दिखाई नहीं देता लेकिन अंदर से व्यक्ति को तोडक़र रख देता है। हम लाख कोशिश करें उनकी गैर मौजूदगी का एहसास हर पल दिल में रहता है। वे एक अद्भुत व्यक्ति थे। हमेशा जो शांत और सहज स्वभाव और बातचीत में अद्भुत शब्द बोलते थें। इनके निधन पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, कैबिनेट मंत्री सम्पतिया उईके, बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, भाजपा नेता डॉ. विजय आनंद मरावी, नगर पालिका अध्यक्ष रजनी मरावी, कल्याण आश्रम अध्यक्ष कैलाश डेहरिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज भट्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिकों ने श्रृद्धा सुमन अर्पित किए हैं। बता दें कि बिछिया तहसील के दबंग पत्रकार श्री नामदेव की लेखनी पूरे महाकौशल में जानी व पहचानी जाती थी। सहज सरल और कम शब्दों में बात करने वाले श्री नामदेव की कलम से बिछिया क्षेत्र को अनेक उपलब्धि भी मिली है भरा पूरा परिवार रोता बिलखता रह गया। वहीं शोक संवेदना का क्रम जारी है लेकिन दुखी परिवार अब भी अचभिंत है कि अचानक यह घटना कैसे हो गई। वहीं युवा पत्रकार शोभित रावत ने कहा कि हाल ही में उनके पिता जो कि बिछिया तहसील क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार थे उनका निधन हो गया इसके बाद सुनील चाचा ने ही पूरे परिवार को जैसे तैसे नई उर्जा के साथ अप्नत्व दिया और अचानक इस घटना से मेरा पूरा परिवार शोक में आ गया है। पिता के रूप में अब चाचा भी साथ नही रहे।







